Friday, January 25, 2019

3000 एनकाउंटर को योगी सरकार ने बताया उपलब्धि, कहा- 78 अपराधी मार गिराए

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गणतंत्र दिवस पर अपनी उपलब्धियों की लिस्ट जारी की है. जिसमें योगी शासनकाल के सभी एनकाउंटर भी शामिल किए गए हैं. सरकारी लिस्ट के मुताबिक मार्च 2017 से जुलाई 2018 के दौरान योगी की पुलिस ने तीन हजार से ज्यादा एनकाउंटर किए थे. जिनमें लगभग 6 दर्जन अपराधियों को मारने का दावा किया गया था.

दरअसल, यूपी की योगी सरकार गणतंत्र दिवस पर कानून व्यवस्था के सुधार को बड़े मुद्दे के तौर पर जनता के सामने रखेगी. जहां सरकार की एनकाउंटर पॉलिसी पर भी चर्चा होगी. इससे पहले एनकाउंटर की डिटेल भी सरकार ने सार्वजनिक कर दी है.

यूपी सरकार की उपलब्धियों की सूची में शामिल आंकड़ों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल यानी मार्च 2017 से जुलाई 2018 के मध्य तक पुलिस ने 3026 मुठभेड़ें कीं. जिनमें कुल मिलाकर 78 अपराधियों को मार गिराया गया. जबकि 838 अपराधी घायल हुए.

लिस्ट में बताया गया कि 11981 लोगों ने उनकी जमानत रद्द कराई और अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने सभी जिलाधिकारियों को सरकार की ओर से आदेश भी जारी किए हैं. ताकि इस उपलब्धि को अधिकारी जन-जन तक पहुंचाएं.

सरकारी की उपलब्धियों में एसटीएफ के एनकाउंटर भी शामिल हैं. जिनमें 9 अपराधियों को मार गिराया गया. जबकि 139 अपराधी गिरफ्तार किए गए. साथ ही एसटीएफ ने 6.5 लाख लोगों के साथ पौंजी स्कीम के नाम पर 3700 करोड़ की ठगी करने वाले 3 लोगों शातिर ठगों को गिरफ्तार किया.

इसी प्रकार से एनएसए के तहत 3, गुंडा एक्ट के तहत 299 और अन्य 2589 मामलों में पुलिस कार्रवाई की गई. इन सभी मामलों में अर्जित की गई 60 करोड़ 40 लाख रुपये की अवैध संपत्ति भी जब्त की गई. जबकि 1277 भू-माफियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई को अंजाम दिया गया.

सरकारी उपलब्धि की इस सूची पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील साजन ने आज तक से कहा, "योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कोई काम नहीं किया है. हर जगह फर्जी मुठभेड़ हुई हैं और हमारी पार्टी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया है. सुप्रीम कोर्ट ने इन मुठभेड़ों पर भी सवाल उठाए हैं और अगर सीबीआई जांच का आदेश दिया जाता है, तो यूपी के सीएम और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को परेशानी होगी.”

उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा “राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है. राज्य में हत्याएं हो रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ों पर सवाल उठाए हैं. इसे सरकारी एचीवमेंट के रूप में हाइलाइट करने का मतलब है कि इस सरकार के पास दिखाने के लिए कोई विकास कार्य नहीं है."

Thursday, January 17, 2019

चांद पर उगा पहला कपास का पौधा नष्ट हुआ, वजह- तापमान -170 डिग्री तक गिरा

गैजेट डेस्क. चीन ने मंगलवार को ही चांद पर पहली बार कपास का पौधा उगाने का ऐलान किया था, लेकिन अगले ही दिन इस पौधे के मरने की खबर आ गई। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चांद पर उगाया गया पहला कपास का पौधा रात में तापमान माइनस 170 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की वजह से मर गया।

सूरज की रोशनी में तो ये पौधा अच्छी तरह बढ़ रहा था, लेकिन रात होते ही तापमान गिरने की वजह से मर गया। चांद पर एक रात दो हफ्ते की होती है। इस दौरान वहां तापमान गिर जाता है।

दिन के समय यही तापमान 120 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है।

चीन ने 3 जनवरी को भेजे थे आलू, कपास के बीज
चीन ने 3 जनवरी को रोवर चांगी-4 के साथ कपास, आलू और सरसों के बीज के अलावा मक्खी के अंडे भी भेजे थे। लेकिन इनमें से सिर्फ कपास का ही पौधा चांद पर पनप पाया। बाकी पौधों में कोई ग्रोथ नहीं हुई थी। हालांकि, वैज्ञानिकों ने आलू और सरसों के बीज भी अंकुरित होने की उम्मीद जताई थी। इसीके साथ चीन पहला ऐसा देश बन गया था, जिसने चांद पर किसी पौधे को उगाया था।

रविवार से शुरू हो गई थी चांद पर रात
चीन के इस प्रोजेक्ट को लीड करने वाले वैज्ञानिक शाई गेंगशिन ने कहा कि हमें पहले से ही इस पौधे के जल्दी मरने की आशंका थी क्योंकि रात के समय वहां किसी भी पौधे के लिए बच पाना नामुमकिन है। गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बताया कि, लैंडिंग के बाद रविवार को चांद पर पहली रात थी और रविवार से ही चांगी-4 रोवर 'स्लीप मोड' में चला गया था।

चांद पर नहीं डालेंगे प्रतिकूल असर

शाई का कहना है कि धीरे-धीरे पौधे और बीज चांद पर डिकम्पोज हो जाएंगे और इससे चांद के वातावरण पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। उन्होंने कहा, "चांद पर पौधे उगाने का प्रयोग हमने पहली बार किया था और हमें इसका कोई अनुभव भी नहीं था कि चांद पर किस तरह का वातावरण होता है।

डिब्बे में भरकर चांद पर भेजे गए थे बीज
चीन के वैज्ञानिकों ने बताया था कि, रोवर चांगी-4 में पानी और मिट्टी से भरे एक डिब्बे को भेजा गया था जो 18 सेंटीमीटर का था। इस डिब्बे के अंदर कपास, आलू और सरसों के बीज के साथ-साथ फ्रूट फ्लाय के अंडे और यीस्ट भेजे गए थे। इसके साथ ही इसमें दो छोटे कैमरे और एक हीट कंट्रोल सिस्टम भी था, ताकि बीज के अंकुरित होने की फोटो मिलती रहे।

Wednesday, January 9, 2019

कबाड़ की तरह पड़े हैं सेना के जिंदा बम, कैग ने जताई चिंता

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने सीमा शुल्क विभाग के विभिन्न अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) में सामान की खेप (कार्गो) में वर्षों से जीवित बम और युद्ध सामग्री का कबाड़ पड़े होने पर चिंता जताई है. संसद में मंगलवार को पेश कैग की रिपोर्ट में राजस्व विभाग से एक रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित करने को कहा गया है ताकि ऐसे सामान या कंटेनर जिसे उठाया नहीं गया है, उसकी स्वतंत्र रूप से निगरानी की जा सके. 

कैग ने 31 मार्च, 2017 तक 85 आईसीडी और कंटेनर फ्रेट स्टेशनों (सीएफएस) की जांच की गई. इसमें पाया गया कि यहां पर एक से लेकर 17 साल तक के खतरनाक कबाड़ के 469 कंटेनर पड़े हैं और इनको हटाया नहीं जा सका है. 

कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्थान में 3 आईसीडी में जीवित बम, युद्ध सामग्री का कबाड़ पड़ा है. वहीं मुंबई सीमाशुल्क क्षेत्र 2 में इस्तेमाल किए जा चुके टायरों, मेटल कबाड़ और खतरनाक रसायनों के 92 कंटेनर हैं.  दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के तुगलकाबाद एनसीडी में नुकसान पहुंचाने वाले सामान के 15 कंटेनर हैं और उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के आईसीडी में मिले-जुले कबाड़ के 50 कंटेनर हैं.  

रिपोर्ट में कहा गया है कि जोधपुर आयुक्तालय के तहत आईसीडी कॉन्कॉर, कनकपुरा 27 जिंदा बम और 19.4 टन का युद्ध सामग्री का कबाड़ 2008 से पड़ा है.  इसी तरह आईसीडी उदयपुर और आईसीडी भगत की कोठी में 195 किलो खाली कारतूस खोल और 102.8 टन युद्ध सामग्री का कबाड़ 2004 से पड़ा है.

कैग ने सुझाव दिया है कि प्रावधान नियमों का इंपोर्टर अनुचित लाभ नहीं ले सकें, इसके लिए सेंट्रल इनडायरेक्‍ट टैक्‍स और सीमा शुल्क बोर्ड को इनकी समीक्षा करनी चाहिए.  कार्गो को छोड़ने की छूट सिर्फ विरले मामलों में ही दी जानी चाहिए.

भारतीय मुद्रा रुपये में डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से बढ़त देखी गई. रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से 15 पैसे की बढ़त के साथ 70.05 पर खुला. पिछले सत्र में रुपये में कमजोरी आई थी, जिसकी मुख्य वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी रही है. कमोडिटी विश्लेषक बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में तेजी आने से भारत में तेल आयात के लिए ज्यादा डॉलर की जरूरत होगी, इसलिए रुपये पर दबाव आया, हालांकि पिछले सत्र के मुकाबले रुपया थोड़ा संभला है.

उधर, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचकांक डॉलर इंडेक्स बुधवार को फिर 0.11 नीचे फिसलकर 95.377 के स्तर पर आ गया. दरअसल, इन छह मुद्राओं के समूह में सबसे अधिक भारांक वाली मुद्रा यूरो और आस्ट्रेलियन डॉलर व ब्रिटिश पौंड में डॉलर के मुकाबले मजबूती रही, जबकि जापानी येन में कमजोरी दर्ज की गई.

Tuesday, January 1, 2019

सिडनी टेस्ट में नहीं खेलेंगे 'हिटमैन' रोहित, इस वजह से मुंबई हुए रवाना

टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और 'हिटमैन' रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नए साल पर 3 जनवरी से सिडनी में शुरू हो रहे आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच में नहीं खेलेंगे. रविवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया पर जीत के साथ भारत चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 से बढ़त बना चुका है. दरअसल, रोहित शर्मा और रीतिका सहदेह के घर नन्ही पारी आई है. रोहित की वाइफ रीतिका ने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है.

रोहित भारत के लिए रवाना हो गए. हालांकि रोहित 8 जनवरी को वापस ऑस्ट्रेलिया आ जाएंगे. वनडे के उप-कप्तान रोहित कंगारुओं के खिलाफ 12 जनवरी से शुरू होने वाली 3 वनडे की सीरीज में खेलेंगे. BCCI ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी दी है. साथ ही दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड ने रोहित को पिता बनने पर बधाई दी है.

रोहित की जगह सिडनी में शुरू हो रहे आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, जिन्हें बीसीसीआई ने आखिरी दो टेस्ट के लिए भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में चुना था. हार्दिक पंड्या शानदार फॉर्म में हैं और काफी समय बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे हैं.

बता दें कि रोहित शर्मा और रितिका की शादी 13 दिसंबर 2015 को हुई थी. रोहित ने वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया की टेस्ट टीम में वापसी की थी. रोहित के लिए साल 2018 बेहद शानदार रहा. इस दौरान उन्होनें वन डे क्रिकेट में 73.57 की औसत से कुल 1030 रन बनाए. जबकि टी 20 में 36.87 की औसत से कुल 590 रन बनाए. इसमें दो शतक भी शामिल हैं.

आपको बता दें कि रविवार को भारत ने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया पर जीत दर्ज कर मेलबर्न में 37 साल का सूखा खत्म किया. इस मैच में रोहित शर्मा ने पहली पारी में 63 रनों की नाबाद पारी खेली थी. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा और आखिरी टेस्ट मैच सिडनी में 3 जनवरी से होगा. टीम इंडिया अगर यह टेस्ट मैच ड्रॉ भी करा लेती है, तो वह 71 साल में पहले बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर कोई टेस्ट सीरीज जीतने का रिकॉर्ड बना लेगी.

ICC महिला वनडे अंतरराष्ट्रीय टीम (बल्लेबाजी क्रम में):

स्मृति मंधाना (भारत), टैमी ब्यूमोंट (इंग्लैंड), सुजी बेट्स (न्यूजीलैंड; कप्तान), डेन वान नीकेरक (दक्षिण अफ्रीका), सोफी डिवाइन (न्यूजीलैंड), एलिसा हीली (ऑस्ट्रेलिया; विकेटकीपर); मेरीजेन कप्प (दक्षिण अफ्रीका), डिआंड्रा डोटिन (वेस्टइंडीज़), सना मीर (पाकिस्तान), सोफी एक्लेस्टोन (इंग्लैंड), पूनम यादव (भारत).

ICC महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम (बल्लेबाजी क्रम में):

स्मृति मंधाना (भारत), एलिसा हीली (ऑस्ट्रेलिया; विकेटकीपर), सुजी बेट्स (न्यूजीलैंड), हरमनप्रीत कौर (भारत, कप्तान), नताली साइवर (इंग्लैंड), एलिसे पेरी (ऑस्ट्रेलिया), एशले गार्डनर (ऑस्ट्रेलिया), लीघ कास्पेरेक (न्यूजीलैंड), मेगन शट (ऑस्ट्रेलिया), रूमाना अहमद (बांग्लादेश), पूनम यादव (भारत).

Tuesday, December 18, 2018

Redmi 7 Pro, Redmi 7 और 7A लीक: तस्वीर, कीमत और जानें कब होंगे लॉन्च

साल खत्म होने बस कुछ ही दिन बचे हैं और शाओमी 2019 लॉन्च की तैयारी कर रहा है. चीनी स्मार्टफोन मेकर अगले साल की शुरुआत में ही Redmi सीरीज के स्मार्टफोन्स लॉन्च कर सकती है. चीनी सर्टिफिकेशन वेबसाइट TENAA पर तीन नए स्मार्टफोन दर्ज किए गए हैं जो अलग अलग कोडनेम के साथ हैं जिनकी शुरुआत MI से है. 

इनमें से एक फोन Redmi 7 हो सकता है. जबकि दूसरा और तीसरा Redmi 7A ,Redmi 7 Pro हो सकते हैं. भारत में Redmi 6, 6A और 6 Pro काफी पॉपुलर हैं इसलिए इन तीनों स्मार्टफोन्स से उम्मीदें ज्यादा हैं. फिलहाल Redmi 7 के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन TENAA के पेज पर Redmi 7 Pro के बारे में कुछ जानकारी है. इसके मुताबिक इस स्मार्टफोन में 5.84 इंच की स्क्रीन होगी. स्क्रीन फुल एचडी होगी.

Redmi 7 Pro में नॉच दिया जा सकता है वैसे ही जैसे Note 6 Pro में दिया गया है. इमेज भी लीक हुई हैं जिससे ये पता चलता है कि इस स्मार्टफोन डुअल कैमरा दिया जाएगा. इसकी बैटरी 2,900 mAh की हो सकती है.

Redmi 7A की बात करें तो इसमें क्वॉल्कॉम स्नैपड्रैगन 636 या 632 प्रोसेसर दिया जा सकता है. इसका बेस वेरिएंट 2GB रैम और 32GB इंटरनल मेमोरी वाला होगा, जबकि दूसरे नवेरिएंट में 3GB रैम दिया जा सकता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक ये स्मार्टफोन जनवरी में लॉन्च हो सकते हैं. हाल ही में कंपनी ने Redmi 6A की कीमत हमेशा के लिए कम कर दी हैं, इसलिए इसके अगले वेरिएंट के लॉन्च जल्दी होने की उम्मीद ज्यादा है. कीमतों की बात करें ये तीनों स्मार्टफोन्स 10 हजार रुपये के अंदर लॉन्च हो सकते हैं.

ऑनलाइन गेम में की चीटिंग तो इस देश में हो सकती है जेल

बड़े-बड़े छोटे अपराधों पर लोगों जेल जाते अक्सर सुना होगा, लेकिन एक देश ऐसा भी है जैसा गेम चीटिंग करने पर भी जेल जाना पड़ सकता है और यदि आप जेल नहीं जाना चाहते तो आपको इसके लिए फाइन देना होगा. फाइन की रकम भी कितनी है जान लिजिए. ये रकम है $18,000 या करीब 13 लाख रुपये.

13 साल का भारतीय किशोर दुबई में बना सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी का मालिक

13 साल की उम्र में जहां आम लोग स्कूल पढ़ाई कर रहे होते हैं या होमवर्क के बोझ तले दबे होते हैं. वहीं दुबई में रहने वाला एक भारतीय किशोर महज 13 साल की उम्र में ही एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी का मालिक बन गया है. टेक्नोलॉजी के इस नन्हे जादूगर ने 9 साल की उम्र में ही पहला ऐप बना लिया था. इस जादूगर का नाम है आदित्यन राजेश और इनका ताल्लुक केरल से है.

Friday, December 14, 2018

ये 5 बड़े राज्य तय करेंगे 2019 में मोदी की वापसी होगी या नहीं?

देश के पांच राज्यों के चुनावी नतीजों में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है. जबकि कांग्रेस को चुनावी नतीजों से संजीवनी मिल गई है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ बीजेपी के हाथों से निकलकर कांग्रेस शासित राज्य में तब्दील हो गए हैं. नतीजों से साफ है कि 2019 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को सत्ता में वापसी के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

2019 के लोकसभा चुनाव की सत्ता की चाबी पांच राज्यों के पास होगी. इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और तमिलनाडु शामिल हैं. देश के ये ऐसे पांच राज्य हैं, जहां सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें हैं. इन राज्यों में कुल 249 संसदीय सीटें है. 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी गठबंधन को 148 सीटें मिली थीं. जबकि कांग्रेस को महज 10 सीटें और अन्य के खाते में 91 सीटें आई थीं.

2019 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर नजर इन्हीं पांच राज्यों पर होगी. विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद माना जा रहा है कि इन राज्यों की सियासी तस्वीर बदल सकती है. बीजेपी के लिए जहां चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, वहीं कांग्रेस के लिए संभावनाएं बनती दिख रही हैं.

उत्तर प्रदेश

नरेंद्र मोदी का सारा दारोमदार उत्तर प्रदेश पर टिका हुआ है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 71 जीतने में कामयाब रही थी. इसके अलावा 2 सीटें बीजेपी की सहयोगी अपना दल को मिली थी. इस तरह से एनडीए को 73 सीटें मिली थीं. जबकि कांग्रेस को 2 और सपा को पांच सीटें मिली थी. इसके अलावा 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ऐतिहासिक जीत हासिल करके सत्ता पर विराजमान हुई थी.

अब माना जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा और कांग्रेस मिलकर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. इनके आने से बीजेपी का समीकरण बिगड़ सकता है. पिछले दिनों सूबे की तीन लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं और बीजेपी ने इन तीनों सीटों को गंवाया है. ऐसे में 2014 जैसे नतीजे 2019 में दोहराना बीजेपी के लिए आसान नहीं है. जबकि सपा-बसपा और कांग्रेस गठबंधन की अच्छी खासी सीटें बढ़ने की उम्मीदें नजर आ रही हैं.

महाराष्ट्र

2019 में नरेंद्र मोदी की वापसी में महाराष्ट्र की अहम भूमिका रहेगी. महाराष्ट्र में कुल 48 लोकसभा सीटें हैं. 2014 के चुनाव में बीजेपी को 23 और उसकी सहयोगी शिवसेना को 18 सीटें मिली थी. जबकि कांग्रेस 2 और एनसीपी 4 सीटों पर सिमट गई थी. वहीं, एक सीट स्वाभिमान पक्ष को गई थी.

बता दें कि शिवसेना और बीजेपी के रिश्ते भी मनमुटाव भरे दिख रहे हैं. दोनों दल 2019 में अलग-अलग चुनाव लड़ने के संकेत दे चुके हैं. जबकि कांग्रेस और एनसीपी एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं. ऐसे में 2014 लोकसभा चुनाव जैसे नतीजे बीजेपी के लिए आसान नहीं दिख रहे हैं. जबकि विपक्ष को बढ़ने की उम्मीद नजर आ रही.

Tuesday, December 11, 2018

खारखेड़ी के पास हल्का टर्न लिया तो गेट के पास खड़ी छात्रा झटके से बाहर जा गिरी, मौत

जयपुर-हैदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस की एस-3 बोगी के दरवाजे से गिरकर बीए सेकंड इयर की छात्रा की मौत हो गई। बाथरूम जाने के बाद ट्रेन के दरवाजे के पास खड़ी थी। उस वक्त ट्रेन हल्के मोड़ पर थी।

एक्सपर्ट मानते हैं कि करीब 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार होने के कारण मोड़ पर अभिकेंद्रीय बल लगा होगा। तेज हवा के थपेड़े की चपेट में आकर छात्रा चलती ट्रेन से अप-डाउन ट्रैक के बीच में जा गिरी और उसकी मौत हो गई। वह पाली में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने परिवार के साथ जा रही थी। 

मूलत: राजस्थान के ग्राम कुशलपुरा, पाली निवासी अब्बाराम चौधरी सराफा कारोबारी हैं। करीब 35 साल से वे पत्नी गीता देवी, 21 वर्षीय बेटी ललिता और दो बेटों राकेश व राजेश के साथ हैदराबाद के संगारेड्‌डी में रहते हैं। ललिता बीए सेकंड इयर की छात्रा है। पाली में उनके एक रिश्तेदार की शादी होनी है।

इसके लिए 8 दिसंबर को वे पत्नी, बेटी व अन्य रिश्तेदारों के साथ पाली जाने के लिए जयपुर-हैदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस की एस-3 बोगी में सवार हुए। 9 दिसंबर को दोपहर 03:13 बजे ट्रेन बैरागढ़ स्टेशन पहुंची। दो मिनट यहां रुककर ट्रेन आगे बढ़ी। अब्बा राम ने बताया कि इस बीच ललिता बाथरूम जाने का कहकर बर्थ से उठी। पीछे-पीछे मां भी गई। बाथरूम से निकलकर ललिता दरवाजे के पास आकर खड़ी हो गई। खारखेड़ी के पास अचानक वह चलती ट्रेन से बाहर जा गिरी।

चेन-पुलिंग कर रुकवाई ट्रेन : अब्बा राम के मुताबिक बेटी के गिरने का पता चलते ही उन्होंने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई। सभी दौड़कर दो किमी पीछे गए। हादसे की सूचना पर खजूरी सड़क पुलिस भी आ गई। एएसआई श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि ग्राम खारखेड़ी के पीछे से गुजरने वाली लाइन पर ललिता का क्षतिग्रस्त शव अप-डाउन ट्रैक के बीच में पड़ा मिला। यहां ट्रेन हल्का मोड़ लेती है। जब हादसा हुआ, तब ट्रेन की रफ्तार करीब 110 किमी प्रतिघंटा रही होगी।

ट्रेन के टर्न हाेने पर तेजी से अंदर की ओर आती है हवा, हो सकता है हादसा

ये हादसा संत हिरदाराम नगर स्टेशन से 15 किमी दूर हुआ है, यानी उस वक्त ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार में थी। जैसा पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर ट्रेन हल्के टर्न पर थी। ऐसे में ट्रेन के गुजरने से उपजी हवा तेजी से खुले दरवाजे से अंदर की तरफ आती है। इस परिस्थिति में अभिकेंद्रीय बल उत्पन्न होता है, जो बगैर कोई सहारा लिए दरवाजे के पास खड़े व्यक्ति को बाहर की ओर ढकेल सकता है। ललिता के साथ हुआ हादसा भी ऐसी ही परिस्थिति में हुआ होगा। इसलिए रेलवे बोर्ड चलती ट्रेन में दरवाजे के पास खड़े न होने की सलाह देता है। - सीएस शर्मा, रेलवे एक्सपर्ट